Tuesday, February 26, 2019

कहानी


लिखकर मिटा दिया
पर पन्नो पर स्याही रह गयी।
उँगलियाँ फेर कर, फिर भी
तुमने पूरी कहानी जान ली।

जिंदगी का बोझ पडा था कुछ शब्दों  पर
उनकी गहराइयाँ जान ली तुमने।
खाली कर दी मैने जिंदगी पन्नो से
और मेरी अनकही सुन ली तुमने।

--मीता मेहेर
(२6-०२-२०१९ )

Monday, February 11, 2019

वादा




हजार वादे किये आइने से ,
काश एक तुमसे भी किया होता।

तुम शायद समझ जाते,
उन छलके हुए आँसूओंकी जुबाँ।

-- मीता मेहेर
(११-०२-२०१९ )

ती

 ती गेली ... कधी हरवलेली , कधी हसरी.. नजर थिजली. माझ्या बडबडीवरचे तिचे हुंकार थांबले . माझ्या हातावरची तिची पकड सुटली . आज नाळ तुटली . नातेव...