Tuesday, April 9, 2019

कुछ पल ...दोस्तोंके संग



  आज के सुबह  कि बात हि कुछ और थी। 

खिलखिलाती हंसी और रुहानी शायरी थी। 
जिंदादिल दोस्त और जबरदस्त सिटी थी। 

खान पान कि मौज और राहत कि साँस थी। 
साथ गाये गाने और कल कि लिये सुनहरी यादे थी। 

-- मीता मेहेर
(३१-०३-२०१९)




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