जी लो , जब तक है बाकी
क्या पता कब कम पड जाये
और उधार सी लगे ...जिंदगी
आँखे मुंदे मत सोचना
अगर और थोडा वक्त होता .. तो ये होता
वक्त है ... फिसलेगा ही मुठ्ठी से
पकडो नही .. बस बेह लो
जिंदगी है ... जी लो
-- मीता मेहेर
(24-02-2021)
This is about my life. How I feel and experience life. How I observe and interpret things. Little something about me :-)
ती गेली ... कधी हरवलेली , कधी हसरी.. नजर थिजली. माझ्या बडबडीवरचे तिचे हुंकार थांबले . माझ्या हातावरची तिची पकड सुटली . आज नाळ तुटली . नातेव...
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