हवा का रुख कुछ बदलासा है
काले बादल और बिन मौसम बरसात है
एक गरज और सीने मै बेचैनी है
ये कौनसा वक्त है , ये क्या घडी है
कोई तुफान , या आंधी हो
बस साथ रेहकर साथ चलने की बात है
ये तुम्हारे हमारे वजूद की बात है
-- मीता मेहेर
(07-05-2025)
operation Sindoor
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